मनमर्जी से रोकी नक्शों की मंजूरी

सोलन। शहर में जनता के कार्यों को करने वाली अफसरशाही संजीदा नहीं है। भवनों के नक्शों का मंजूर करना तो दूर, विभागीय पेचिदगियों में फंसी जनता परेशानी झेलने को मजबूर है। शहर के लोगों की सहूलियत के लिए बना गया सिंगल विंडो सिस्टम विभागीय पचड़ों में फंसकर पूरी तरह ठप हो चुका है।
नगर परिषद और टीसीपी के माध्यम से नक्शों की स्वीकृति पर बिना कारण रोक लगा डाली है। एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराकर नक्शों की स्वीकृति थोपी जा रही है। सैकड़ों लोग रोजाना भवन के नक्शे पास करने के लिए टीसीपी और नगर परिषद के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लोगों में दलजीत, मनबीर सिंह, प्रमोद शर्मा, दीपक ठाकुर, जयवंत, कमल कुमार और कुलदीप का कहना है कि इससे अफसरशाही की कार्यप्रणाली हाशिये पर है। भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हल न निकला तो आंदोलन किया जाएगा।

स्टोरी टू
100 नक्शे लटके, सैकड़ों आवेदन अटके
एक अनुमान के मुताबिक सौ के करीब भवनों के नक्शे अटके पड़े हैं। एनओसी भी नहीं मिल पा रही है। सैकड़ों अन्य आवेदन भी पेंडिंग में चलने से आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

नगर परिषद के नहीं बिल्डिंग बाइलाज
नगर परिषद के खुद की बिल्डिंग बाइलाज के बिना चल रही है। लिहाजा नक्शों की स्वीकृति के लिए टीसीपी अधिनियम को ही लागू किया गया है। तर्क दिया गया है कि एमसी एक्ट में अलग नियम और टीसीपी में अलग नियमों से जनता को परेशानी होगी साथ ही नक्शों की स्वीकृति में भी पेचिदगियां बढ़ेंगी।

इसलिए यह सब
01- सिंगल विंडो सिस्टम के लागू होने के बाद नक्शों की स्वीकृति की पावर नगर परिषद के ईओ को सौंपी गई। उधर बाइलाज न होने के चलते नगर नियोजन विभाग की एडवाइजरी के लिए नप के अधिकारियों ने नियमों में उल्लेख का हवाला दिया।

02- तय हुआ कि माह में तीन दिन टीसीपी के अधिकारी नप कार्यालय में बैठेंगे। जिसके लिए पांच सौ रुपये भत्ता अलग से दिया जाएगा। लेकिन नगर नियोजन ने ऊपर से मनाही का हवाला देते हुए इस प्रपोजल के तहत काम नहीं किया।

03- नक्शे और आवेदन लटकने लगे। नगर परिषद के हाउस में इनकी स्वीकृति को हो हल्ला होने लगा। मामला टीसीपी और शहरी विकास विभाग के निदेशक के पास पहुंचा बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ।

हम क्या करें ऊपर से फरमान
नगर नियोजन अधिकारी संदीप शर्मा का कहना है कि सिंगल विंडो के तहत नगर परिषद का ही सारा जिम्मा है। एडवाइजरी ली जा सकती है। पहले नक्शों को पास करने को नगर परिषद की मदद की जाती थी, लेकिन अब ऊपर से मदद न करने के फरमान हैं, हम क्या करें? किसी भी नक्शे पास करने की प्रक्रिया में फिलहाल कोई मदद नहीं की जा रही है।

क्या आला अफसरों से बड़े लोकल अफसर
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी का कहना है कि सिंगल विंडो सिस्टम ठप हो गया है। टीसीपी के तकनीकी स्टॉफ के लिए नप में ऑफिस बनाया। 500 रुपये भत्ता भी फिक्स किया। टीसीपी के अधिकारियों का तर्क है कि मनाही के ऊपर से फरमान हैं। यदि ऐसा है तो सरकार के आला अफसरों के फरमान दरकिनार हो रहे हैं। तीन बार पत्र लिखकर इसकी सूचना आला अधिकारियों दी जा चुकी है।

जांच होगी, रिपोर्ट तलब: मोहंती
शहरी विकास विभाग और टीसी निदेशक मीरा मोहंती के अनुसार यह मामला उनकी जानकारी में अभी आया है। यदि इस तरह की कोताही बरती गई है तो जांच होगी। मामले में जल्द अधिकारियों से रिपोर्ट तलब होगी।

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